| Sunday, 22 January 2012 14:17 |
उन्होंने कहा कि फेसबुक और सोशल नेटवर्किंग की इस ताकत को देख वह भी अब फेसबुक से जुड़ चुके हैं। जिलाधिकारी सुंदरम ने भाषा से बातचीत में स्वीकार किया कि फेसबुक के जरिए चली इस मुहिम का असर जरूर हुआ है। इसी के चलते उन्होंने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुये कार्रवाई की और इस प्रकरण की मजिस्टेटी जांच के आदेश भी दे दिये हैं। उनका कहना है कि अभी सिर्फ एक ही लिपिक को निलंबित किया गया है पर जांच में यदि अन्य कर्मचारी भी दोषी पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी। आईआईटी खड़गपुर के छात्र राहुल ने भाषा को बताया कि जब उसने कार्यालय में फोटो खिंचवाई तो उससे विभाग के कर्मचारियों ने रिश्वत की मांग की। राहुल और उसके कुछ मित्रों ने पैसे देने से इनकार कर दिया जिसके बाद कर्मचारियों ने उसे कमरे में बंद कर लिया और करीब 12 कर्मचारियों ने उसकी पिटाई शुरु कर दी। उसके दोस्तों ने इस पूरे प्रकरण का वीडियो बनाकर 'यूट्यूब' वेबसाइट पर डाल दिया और लोगों से साथ देने की अपील की। अमेरिका से 'आरटीआई ऐनोनिमस' नाम से संस्था चला रहे आनंद शर्मा ने फेसबुक, गूगल, ट्विटर के माध्यम से छात्र को न्याय दिलाने के लिये एक आॅनलाइन कैंपेन चलाया और उन्होंने ही जिला्रधिकारी हरदोई का नंबर फेसबुक पर डाल कर लोगों से उन्हें इस मामले में कदम उठाने की अपील करने के लिये कहा। 'जस्टिस फॉर संघप्रिय राहुल' नामक इस मुहिम से हजारों लोग जुुड़ते गये और अनेक लोगों ने जिलाधिकारी को फोन कर इस मामले में ठोस कदम उठाने के लिये कहना शुरु कर दिया, जिसका असर कुछ ही दिनों में सामने आ गया। |
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