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Monday, April 16, 2012

दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली को धरोहर स्थल बना रहा है पाक

Monday, 16 April 2012 10:50

पाकिस्तानी प्रशासन पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित बालीवुड अभिनेता दिलीप कुमार के पैतृक आवास का अधिग्रहण कर रहा है ताकि इस जर्जर इमारत को राष्ट्रीय धरोहर स्थल घोषित किया जा सके। इस इमारत को अधिग्रहित करने का कार्य अंतिम चरण में है। मोहल्ला खुदादाद की डोमा गली में हरे-भरे क्षेत्र में स्थित इसी घर में मोहम्मद युसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार का 11 दिसंबर, 1922 को जन्म हुआ था।

इलाके के धनाढ्य फल विक्रेता लाला गुलाम सरवर के पुत्र दिलीप कुमार का बचपन किस्सा ख्वानी बाजार की गलियों में गुजरा जहां मध्य एशिया से आए यात्री और व्यापारी एक दूसरे को किस्से कहानियां सुनाया करते थे। पिछले साल दिसंबर में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के सूचना मंत्री मियां इफ्तिखार हुसैन ने बालीवुड के दिग्गज दिलीप कुमार और राजकपूर के पेशावर स्थित पैतृक आवासों को अधिग्रहित करने की योजना की घोषणा की थी ताकि इन्हें राष्ट्रीय धरोहर बनाया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि दिलीप कुमार के घर को अधिग्रहित करने का कार्य अंतिम चरण में है। 
प्रांत के सूचना विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सुहैबुद्दीन ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा सरकार दिलीप कुमार के पैतृक आवास के मौजूदा मालिक से इसे खरीदने के लिए बात कर रही है। इस बारे में बातचीत अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि मकान के अधिग्रहण के बाद प्रांतीय सरकार इसका संरक्षण करेगी। अधिग्रहण प्रक्रिया के पूरा होने जाने के बाद इसके रखरखाव की रणनीति तैयार की जाएगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दो मंजिला इस इमारत की निचली मंजिल में तीन कमरे और एक आंगन है। पहली मंजिल पर दो और कमरे हैं। कमरे में लकड़ियों से बनी खिड़की है। 

इस इमारत के मौजूदा मालिक इकरामुल्ला खान इसका इस्तेमाल सामान के गोदाम के रूप में कर रहे हैं। खान ने कहा कि उन्होंने दिलीप कुमार की कोई भी फिल्म नहीं देखी है लेकिन वे इस बात से खुश हैं कि सरकार इस मकान को संरक्षित करना चाहती है। खान ने कहा कि मैंने सरकार से पांच करोड़ रुपए की मांग की है लेकिन सरकार तीन करोड़ रुपए देने पर सहमत हुई है। मुझे उम्मीद है कि हम जल्दी ही इस बारे में फैसले पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार के पिता ने 1943 में उनके (खान के) साले युसुफ कुरैशी को यह मकान दिया और उन्होंने (इकरामुल्ला खान) ने इसे 2005 में खरीदा।

 

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