चंडीगढ़ , छह मार्च (एजेंसी) शिरोमणि अकाली दल ..भाजपा गठबंधन ने 46 साल बाद रिकार्ड तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर आज पंजाब में इतिहास रच दिया । सत्ता विरोधी लहर की बातों को धता बताते हुए शिरोमणि अकाली दल ने 117 में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि इसकी गठबंधन सहयोगी भाजपा ने 12 सीटें हासिल कीं । इस तरह आज घोषित हुए परिणामों में गठबंधन के खाते में 68 सीटें आईं। इस गठबंधन ने 2007 के विधानसभा चुनाव में 69 सीटें जीती थीं । एसएडी ने जहां 50 सीटों से आगे बढ़कर अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, वहीं भाजपा को सात सीटों का नुकसान हुआ है । सत्ता विरोधी लहर की बातें कर सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस को केवल 46 सीटें मिलीं । पिछली बार इसे 42 सीटें मिली थीं । राज्य की तीन अन्य सीटें निर्दलियों के खाते में गई हैं । एसएडी के बागी नेता मनप्रीत
सिंह बादल की पीपीपी अपना खाता खोलने में नाकाम रही और चार बार विधायक रह चुके मनप्रीत दोनों सीटों...गिदरबा तथा मौर से चुनाव हार गए । मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इसे ''शांति एवं विकास'' के लिए जनादेश करार दिया है । अपने पुत्र उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की तारीफ करते हुए सीनियर बादल ने कहा कि उन्होंने एसएडी...भाजपा गठबंधन की लगातार दूसरी बार सत्ता वापसी में ''बड़ी भूमिका'' निभाई । सुखबीर ने प्रेट्र से कहा , ''जीत ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व एवं उनके द्वारा किए गए काम में लोगों के विश्वास को प्रदर्शित किया है । वह मुख्यमंत्री होंगे और अंतिम फैसला पार्टी द्वारा किया जाएगा ।'' सन 1966 में हरियाणा के पंजाब से अलग होने के बाद यह पहली बार है जब कोई राजनीतिक दल लगातार सत्ता में लौटा है । कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह जनमत को स्वीकार करते हैं । उन्होंने प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की । | |
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