Follow palashbiswaskl on Twitter

PalahBiswas On Unique Identity No1.mpg

Unique Identity Number2

Please send the LINK to your Addresslist and send me every update, event, development,documents and FEEDBACK . just mail to palashbiswaskl@gmail.com

Website templates

Zia clarifies his timing of declaration of independence

What Mujib Said

Jyoti Basu is dead

Dr.BR Ambedkar

Memories of Another day

Memories of Another day
While my Parents Pulin babu and Basanti Devi were living

Friday, July 22, 2011

Fwd: भाषा,शिक्षा और रोज़गार



---------- Forwarded message ----------
From: भाषा,शिक्षा और रोज़गार <eduployment@gmail.com>
Date: 2011/7/22
Subject: भाषा,शिक्षा और रोज़गार
To: palashbiswaskl@gmail.com


भाषा,शिक्षा और रोज़गार


डीयू के कॉलेजों में ओरिएंटेशन प्रोग्राम शुरू

Posted: 21 Jul 2011 04:51 AM PDT

विश्वविद्यालय का नया सत्र गुरुवार से शुरू होगा। छात्रों को कॉलेज, शिक्षिकों और अन्य गतिविधियों से परिचित कराने के लिए कई कॉलेजों ने बुधवार को अपने ऑरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए। छात्रों के साथ-साथ अभिभावक भी इसका हिस्सा बने। डीयू के कई कॉलजों में आयोजित ऑरिएंटेशन कार्यक्रमों को दो भागों में विभाजित किया गया था। पहले भाग में जहां कॉलेजों ने छात्रों को शैक्षिक सत्र से अवगत करवाया, वहीं दूसरे भाग में रंगारग कार्यक्रम द्वारा कॉलेज की सांस्कृतिक छवि की झलक पेश की।

दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के प्रिंसिपल डॉ. एमएस रावत ने बताया कि कॉलेज की बुनियाद से छात्रों को जोड़ने के लिए फिल्म के रूप में कॉलेज के शुरुआती दिन, कैंपस, कैंटीन, लाइब्रेरी और आज यहां होने वाली गतिविधियों आदि को प्रस्तुत किया।

जानकी देवी की प्रिंसिपल डा. इंदु आनंद ने बताया कि कॉलेज में बुधवार को ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। प्रोग्राम में छात्रों को कॉलेज, यहां के विषयों के बारे में जानकारी दी गई। सत्यवती कॉलेज के प्रिंसिपल शमसुल इस्लाम ने बताया कि बुधवार को हुए ओरिएंटेशन प्रोग्राम में छात्रों को कॉलेज में मौजूद सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई।

देशबंधु कॉलेज के प्रिंसिपल डा. एसपी अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। छात्रों को कॉलेज की खास बातों, यहां की यूएसपी, यहां चलने वाली सोसाइटी के बारे में जानकारी दी गई। वहीं कालिंदी कॉलेज में शैक्षिक सत्र के साथ-साथ योगा और डांस परफरेमेंस से छात्रों का स्वागत किया गया(हिंदुस्तान,दिल्ली,21.7.11)।

डीयूःओबीसी छात्रों को प्रवेश के मिल सकते हैं और मौके

Posted: 21 Jul 2011 03:43 AM PDT

दिल्ली यूनिवर्सिटी से मेडिकल की शिक्षा हासिल करने वाले ओबीसी कोटे के छात्रों के लिए 29 जुलाई के बाद प्रवेश के मौके और बढ़ सकते हैं। छह, सात व आठ जुलाई को होने वाली काउंसलिंग में अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को कटऑफ में दस प्रतिशत छूट के साथ प्रवेश दिया गया लेकिन ओबीसी छात्रों ने इस बाबत कोर्ट में गुहार लगाई है। 29 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली काउंसलिंग के बाद लेडी हार्डिग व मौलाना आजाद कॉलेज में मेडिकल प्रवेश की सीटें बढ़ने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस बीच सेशन शुरू करने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। डीयू की फैकल्टी ऑफ मेडिकल साइंसेस डीयू के साथ ही डीयूमेट की कक्षाएं शुरू करने का प्रयास कर रही थी लेकिन कक्षाएं अगस्त के पहले महीने से शुरू होंगी।

20 मई को डीयू मेट के घोषित परिणाम के अनुसार दो चरणों की काउंसलिंग छह, सात व आठ जुलाई को की गई लेकिन मेरिट लिस्ट कटऑफ की मांग को लेकर ओबीसी छात्र हाईकोर्ट पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि 29 को होने वाली सुनवाई के बाद डीयू के दो प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में 30 व 35 सीटों पर प्रवेश का और मौका मिल सकता है। जनरल छात्रों के प्रवेश की कटऑफ इस बार 70.5 प्रतिशत तक गई थी। अनुसूजित जाति व जनजाति के छात्रों को दस प्रतिशत की छूट दी गई थी। रैंकिंग के आधार पर कटऑफ में छूट देने की मांग को लेकर ओबीसी छात्र हाईकोर्ट पहुंचे है, जिसकी सुनवाई 29 जुलाई का होगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज के लिए 26 जुलाई से होने वाली काउंसलिंग को फिलहाल टाल दिया गया है। बताया जा रहा है कि दो चरण की काउंसलिंग के बाद 20 प्रतिशत सीटों पर अब भी प्रवेश होना बाकी है। डीयू की मेडिकल फैकल्टी से जुड़े मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. वीके अग्रवाल का कहना है कि सीटें बढ़ाने व काउंसलिंग की नई तारीख डीयू से आनी है। आदेश आते ही छात्रों को सूचित किया जाएगा। लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज की यदि सीटें बढ़ती हैं तो इसका सीधा फायदा लड़कियों को होगा(हिंदुस्तान,दिल्ली,21.7.11)।

डीयू छात्राओं के लिए हॉस्टल

Posted: 21 Jul 2011 03:41 AM PDT

विश्वविद्यालय से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर बन रहे यह हॉस्टल तैयार हैं। तीन मंजिला ये हॉस्टल किंग्सवे कैंप के पास बने हैं। यह राजीव गांधी गर्ल्स हॉस्टल और गर्ल्स हॉस्टल के नाम से जाने जाएंगे। इनमें राजीव गांधी गर्ल्स होस्टल में 800 छात्रओं के रहने की सुविधा होगी। इस हॉस्टल में 400 कमरे होंगे। वहीं गर्ल्स होस्टल में 700 छात्रएं रह सकेंगी।

यहां कमरों की संख्या 350 होगी। इन दोनों ही हॉस्टलों को खुला व हवादार बनाया गया है। यह दोनों हॉस्टल 21520 वर्ग मीटर और 21956 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में बने हैं। इनका ढांचा तैयार करते समय ध्यान रखा गया है कि अगर यहां कभी लाइट जाने जैसी दिक्कतें होती हैं तो छात्रओं को रोशनी व वेंटीलेशन जैसी परेशानियों से जूझना न पड़ें।

स्पोर्ट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय मैदान
डीयू के जिन मैदानों का प्रयोग कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान हुआ था वह इस सत्र से छात्रों के लिए उपलब्ध रहेंगे। विवि इन मैदानों की सुविधाओं को और बेहतर करने जा रहा है। नए सत्र से इनकी आउटडोर और इनडोर सुविधाएं सबसे अधिक उम्दा होगी।
कॉल सेंटर

डीयू का कॉल सेंटर इस सत्र से काम करने लगेगा। ये कॉल सेंटर छात्रों की कई उलझनों का जवाब देगा। यह कॉल सेंटर चौबीस घंटे सातों दिन काम करेगा। इसमें मौजूद काउंसलर छात्रों की समस्याओं को सुलझाएंगे।
नया पोर्टल 
दिल्ली का इंस्टीटय़ूट ऑफ लाइफ लांग लíनंग इस सत्र से एक नया कॉमन पोर्टल शुरू करने जा रहा है। यह पोर्टल छात्रों और शिक्षकों के बीच कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
विदेश में पढ़ाई
विवि अपने छात्रों को विदेश पढ़ाई के लिए भेजने की योजना बना रहा है। इस प्रयास के तहत 25 छात्रों के तीन बैच आस्ट्रेलिया, चीन, कोलंबो, ढाका और काठमांडु भेजे जाएंगे।
डीयू का 89 वां बैच 
-दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना 1922 में हुई थी।
-हरि सिंह गौड़ पहले वाइसचांसलर बनें
-सिर्फ तीन कॉलेज सेंट स्टीफंस कॉलेज 1881, हिंदू कॉलेज 1899, रामजस कॉलेज 1917 डीयू से संबद्ध थे। उस समय विश्वविद्यालय में कुल 750 छात्र थे।
-पहली एलमुनी मीट 26 मार्च 1930 को आयोजित की गई थी।
-आज डीयू के 89वें बैच की पढ़ाई शुरू होगी(हिंदुस्तान,दिल्ली,21.7.11)।

यूपी मदरसा बोर्ड के परिणाम घोषित

Posted: 21 Jul 2011 03:38 AM PDT

मदरसा बोर्ड का परीक्षा परिणाम आज जारी हो गया। बोर्ड ने प्रदेश स्तर पर बुधवार को ही परिणाम जारी कर दिए थे। सूचना पर शहर में भी लोगों ने नेट पर परिणाम देखना चाहा लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। मालूम हो कि बोर्ड ने मई के अंतिम सप्ताह में मुंशी-मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल की परीक्षाएं कराई थीं। जून के आखिरी हफ्ते तक कापियां जांचने के बाद 20 जुलाई को परिणाम घोषित कर दिए गए। बोर्ड के रजिस्ट्रार असलम जावेद ने बताया कि बुधवार को प्रदेश स्तर पर जारी परिणाम 88.82 फीसदी रहा। श्री जावेद ने कह था कि जिलेवार परिणाम आज घोषित किया जाना है।

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालयःआनलाइन भरें स्क्रूटनी फार्म,वीएसएसडी में दाखिले का अंतिम मौका

Posted: 21 Jul 2011 03:34 AM PDT

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय की संस्थागत परीक्षा 2010-11 में कम अंक पाने या एक विषय में फेल स्टूडेंट अब आनलाइन फार्म भर सकेंगे। 28 जुलाई से आनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कुल सचिव सय्यद वकार हुसैन ने बताया कि बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमकॉम सहित समस्त पाठ्यक्रम के परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक माह बाद तक फार्म भरे जाएंगे। फिर स्वीकार फार्म के हिसाब से स्क्रूटनी कराकर परिणाम दिया जाएगा।

आनलाइन स्क्रूटनी फार्म भरने वाले विद्यार्थियों को बैंक आफ बड़ौदा की विभिन्न शाखाओं से 205 रुपए का टोकन लेना होगा। फिर विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.kanpuruniversity.org पर बने लिंक on line application for scrutiny पर क्लिक करके फार्म भरा जा सकेगा। हर टोकन के साथ गोपनीय कोड भी दिया जाएगा। कुल सचिव ने बताया कि कानपुर नगर, रमाबाई नगर, कन्नौज, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, इलाहाबाद, कौशांबी, सीतापुर, फतेहपुर और लखीमपुर खीरी में बैंक आफ बड़ौदा की विभिन्न शाखाओं से टोकन मिलेंगे।
वीएसएसडी में दाखिले का अंतिम मौका 
कानपुर। वीएसएसडी कालेज के बीए, बीएससी, बीकॉम प्रथम वर्ष में दाखिले की अंतिम प्रक्रिया गुरुवार को पूरी कर ली जाएगी। प्राचार्य डा. दिलीप सरदेसाई का कहना है कि बीए में एससी की 55 सीटें, सामान्य की 12 सीटें, ओबीसी की आठ, बीकॉम में एससी की तीन और बीएससी की 41 सीटें खाली हैं। दाखिले का आवेदन करने वाले स्टूडेंट को गुरुवार को माइक से बुलाया जाएगा, जो स्टूडेंट मौजूद रहेंगे, उन्हें दाखिला मिलेगा। प्राचार्य का कहना है कि यदि आरक्षित सीटें नहीं भरीं तो उनपर सामान्य श्रेणी के स्टूडेंट को दाखिला दिया जाएगा। निर्धारित रैंक पर आने वाले उन सभी विद्यार्थियों दाखिला मिलेगा, जो कि वरीयता सूची में शामिल हैं। 
मौखिक, प्रायोगिक परीक्षा से वंचित स्टूडेंट को एक और मौका
कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय की 2009-10 की मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों को एक और मौका दिया गया है। कुल सचिव सय्यद वकार हुसैन का कहना है कि जो परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वह 23 जुलाई तक सूचना कक्ष में आवेदन कर सकते हैं। सभी आवेदन संबंधित प्राचार्य से अग्रसारित होना चाहिए। आवेदन का प्रारूप विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.kanpuruniversity.org पर उपलब्ध करा दिया गया है(अमर उजाला,कानपुर,21.7.11)।

चंडीगढ़ और होशियारपुर में इंजीनियरिंग में सीटें खाली

Posted: 21 Jul 2011 03:30 AM PDT

चंडीगढ़ और होशियारपुर के इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए पहले राउंड की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पहले राउंड के बाद चंडीगढ़ के चार और होशियारपुर के एक इंजीनियरिंग संस्थान में कुल 776 सीटें खाली रह गई हैं। पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में 155 और यूआईईटी में 338 सीटें खली हैं। एआईईईईई में सफल रहे छात्र वीरवार को शाम पांच बजे तक अपनी च्वाइस को लॉक कर सकेंगे। दूसरे राउंड की सीट अलॉटमेंट 25 जुलाई को होगी।
पेक की ओर से पहले राउंड के तहत जिन छात्रों को सीट अलॉट की गई थी उनमें से 50 फीसदी से भी कम छात्रों ने फीस जमा कराई है। इन छात्रों की ओर से फीस जमा न करने के कारण इनकी सीटों को रिक्त घोषित कर दिया गया है। इन इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए चार काउंसिलिंग होंगी। इन इंजीनियरिंग संस्थानों में खाली रह गई 776 सीटों में से 459 सामान्य वर्ग के छात्रों की हैं। पेक में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई), इलेक्ट्रानिक्स जैसी स्ट्रीम में भी सीटें नहीं भर सकी हैं। इलेक्ट्रानिक्स में 31 और सीएसई में 16 सीटें खाली हैं। सिविल में 13, एरोनॉटिकल में 8, इलेक्ट्रिकल में 25 और मेकेनिकल इंजीनियरिंग में 26 सीटें खाली हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित यूआईईटी में कुल 338 सीटें खाली हैं। बायो-टेक में 42, सीएसई में 53, इलेक्ट्रानिक्स में 62, आईटी में 63, मेकेनिकल में 41 और इलेक्ट्रिकल में 43 सीटें खाली हैं। यूआईसीईटी में बीई (केमिकल) में 35 और बीई (फूड टेक्नोलॉजी) में 17 सीटें खाली रह गई हैं। सेक्टर-26 स्थित सीसीईटी में सिविल इंजीनियरिंग में 17, सीएसई में 15, मेकेनिकल में 14 और इलेक्ट्रानिक्स में 14 सीटें खाली रह गई हैं। इसी तरह से पीयू के होशियारपुर स्थित सर्वानंद गिरि रीजनल सेंटर में 149 सीटें खाली रह गई हैं(अमर उजाला,चंडीगढ़,21.7.11)।

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने का खुलासा

Posted: 21 Jul 2011 03:29 AM PDT

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद में फर्जी जाति और शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सहारे महत्वपूर्ण पद पर नौकरी करने का खुलासा हुआ है। जालसाजी कर 13 वर्षों से नौकरी पर बने सहायक वास्तुविद नियोजक संजीव कश्यप को आवास आयुक्त एमवीएस रामीरेड्डी ने निलंबित कर जांच प्रक्रिया तक चीफ इंजीनियर के साथ अटैच कर दिया गया है। खास बात यह है कि शासन ने मार्च, 2011 में ही नियुक्ति को अवैध बताकर आवास आयुक्त को कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। लेकिन अधिकारियों ने फाइल दबाए रखी थी। मामले को लेकर परिषद के वास्तुविद गोपाल गर्ग ने शासन और सरकार में शिकायत की थी कि संजीव कश्यप को फर्जी तरीके से सहायक वास्तुविद नियोजक के पद पर भर्ती किया गया है। न तो उनकी शैक्षिक योग्यता पद के लिए मान्य है और न ही दिल्ली से जारी जाति प्रमाणपत्र उत्तर प्रदेश में मान्य है। इस पर विशेष सचिव मंजू चंद्र ने जांच की तो फर्जीवाड़ा सामने आया।रिपोर्ट में विशेष सचिव मंजू चंद्र ने कहा है कि परिषद में सहायक वास्तुविद नियोजक के पद पर 1998-99 में चयन हुआ। दिल्ली प्रशासन द्वारा संजीव कश्यप का अनुसूचित जाति (मल्लाह) प्रमाणपत्र जारी किया गया। जबकि उ.प्र. में मल्लाह जाति पिछड़ी जाति में शामिल हैं। वहीं, प्रवर्जन के संबंध में भारत सरकार के शासनादेश से स्पष्ट है कि कोई अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का व्यक्ति शिक्षा या रोजगार इत्यादि के लिए मूल राज्य से दूसरे प्रदेश में प्रवर्तित होता है तो वह मूल राज्य में ही अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लाभ का पात्र होगा। इसलिए उत्तर प्रदेश में संजीव कश्यप को अनुसूचित जाति का लाभ नहीं दिया जा सकता। यही नहीं संजीव कश्यप के पास शैक्षिक योग्यता बैचरल ऑफ प्लानिंग की है, जबकि सहायक वास्तुविद नियोजक के पदों पर भर्ती के लिए शैक्षिक अर्हता बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर और समकक्ष डिग्री होनी चाहिए थी। चयन समिति ने भी इसका संज्ञान नहीं लिया। संजीव कश्यप के प्रमाणपत्रों की जांच करने की जरूरत ही नहीं समझी गई। ऐसे में संजीव कश्यप का सहायक वास्तुविद नियोजक के पद पर लिया गया चयन अवैध है(अमर उजाला,कानपुर,21.7.11)।

कानपुर में बीए, बीएससी में सीटें खाली

Posted: 21 Jul 2011 03:27 AM PDT

प्रोफेशनल कोर्स की ओर अभ्यर्थियों का रूझान बढ़ने से बीए, बीएससी की सीटों को गहरा झटका लगा है। शहर के कई कालेजों में बीए, बीएससी की सीटें खाली पड़ी हैं। इन सीटों को भरने के लिए प्राचार्य जुगत लगा रहे हैं। मगर इसके बाद भी अभी तक सीटें भर नहीं पा रहे हैं। जबकि दाखिला प्रक्रिया खत्म होने में केवल दस दिन का समय ही शेष बचे हैं।
एएनडी कालेज की प्राचार्या डा. उमा कांति तिवारी ने बताया कि बीएससी बायो में सीटें भरना मुश्किल हो रहा है। अभी तक केवल सौ दाखिले हुए हैं। जबकि बिना मेरिट के सीधे दाखिला लिया जा रहा है। बताया कि प्रोफेशनल कोर्स की ओर छात्राओं के बढ़ते कदम से कालेजों में संख्या घट रही है। वीएसएसडी कालेज के प्राचार्य डा. दिलीप सरदेसाई ने बताया कि कालेज में बीए की तमाम सीटें खाली पड़ी है। ऐसे में बाकायदा 21 तारीख को एलाउंसमेंट कर छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। वहीं डीएवी कालेज की प्राचार्या डा. रेखा शर्मा ने बताया कि छात्रों का रूझान बीए, बीएससी से घट रहा है। जबकि बीकॉम की सीटों के लिए मारामारी जारी है(अमर उजाला,कानपुर,21.7.11)।

70 अभ्यर्थियों को ताउम्र नहीं मिलेगी नौकरी

Posted: 21 Jul 2011 03:24 AM PDT

रेलवे में नौकरी का सपना संजोने वाले 70 अभ्यर्थियों को अब ताउम्र नौकरी नहीं मिलेगी। इन सभी को फर्जीवाड़ के आरोप में रेलवे भर्ती बोर्ड ने बेदखल कर दिया है। बोर्ड ने डिबार किए गए अभ्यर्थियों की सूची जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि यह अभ्यर्थी अब किसी भी रेल भर्ती बोर्ड में परीक्षा नहीं दे सकेंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि काली सूची में डाले गए ज्यादातर अभ्यर्थी बिहार के हैं। इनमें से 43 अन्य पिछड़ वर्ग के हैं। सात अभ्यर्थी अनारक्षित वर्ग और बाकी एससी हैं। आशंका है कि यह सभी अभ्यर्थी उसी दौर की परीक्षाओं के आवेदक हैं जिनमें फर्जीवाड़ के आरोप लगे हैं।

दो वर्ष पहले रेल भर्ती बोर्ड इलाहाबाद और मुंबई की परीक्षाओं में अफसरों की मिलीभगत से धांधली के आरोप लगे थे। सीबीआई इसकी जांच अभी कर रही है। फिलहाल, रेलवे भर्ती बोर्डों ने 70 अभ्यर्थियों को काली सूची में डाल दिया है। इन्हें बोर्ड की विभिन्न परीक्षाओं में धांधली के आरोप में पकड़ गया है। आरआरबी की सूची में 57 अभ्यर्थी बिहार के रहने वाले हैं। इनमें भी पटना, नालंदा और भागलपुर के अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है। जहानाबाद और धनबाद के आवेदक भी काली सूची में हैं। इसके साथ ही अलवर, भावनगर, झांसी, मथुरा, वाराणसी और जालौन के भी अभ्यर्थी हैं। कई अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ साक्षात्कार में सफल होने के बाद खुला है। 
बोर्ड सूत्रों के मुताबिक यह सूची सभी भर्ती केंद्रों को दे दी गई है। साथ ही दूसरे भर्ती आयोगों को भी यह सूची भेजी जा रही है। फिलहाल, काली सूची में डाले गए लोग अब किसी भी रेलवे भर्ती बोर्ड और रेलवे भर्ती सेल की परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे।
'अभ्यर्थियों को परीक्षाओं में गलत तरीके अपनाने का आरोप साबित होने के बाद डिबार किया गया है। इन अभ्यर्थियों ने परीक्षाओं में दूसरों को बैठाने, एक ही पद के लिए एससी और सामान्य श्रेणी के आवेदन करने, फर्जी अंकपत्र और प्रमाण पत्र लगाने का काम किया है। अब इन्हें रेलवे की नौकरी के अयोग्य ठहरा दिया गया है।'
एसके माथुर, चेयरमैन
आरआरबी, इलाहाबाद(अमर उजाला,इलाहाबाद,21.7.11)

एक स्कूल जहां 44 भाषाओं में पढ़ते हैं बच्चे

Posted: 21 Jul 2011 02:17 AM PDT

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यह सच है कि इंग्लैंड के सुरी में एक स्कूल ऐसा है जहां छात्र 44 भाषाओं को बोलते हैं। खास बात यह है कि इस स्कूल में एशिया की 22 भाषाएं बोली जाती हैं। इसके अलावा यूरोप की 11 और अफ्रीका की 12 भाषाओं का ज्ञान इस स्कूल में दिया जाता है। जिन भाषाओं में ये बच्चे बोला करते हैं उनमें अफ्रीकन, अरेमिक, फिलिपिनो, गा, किकुयो, किस्सी, कन्नड़, तेलगु, योरोबा और जुलू प्रमुख हैं। भारतीय भाषाएं -हिंदी, गुजराती, बंगाली, पंजाबी, मलयालम, मराठी, तमिल और तेलगू भी इस स्कूल में स्‍थान पा चुकी हैं।

पढ़ाने वाले टीचर हैं बेहद प्रतिभाशाली

रेडहिल में सैंट मैथ्यू नाम के इस स्कूल में 477 युवा छात्र पढ़ रहे हैं, जिसमें से 78 छात्रों की मातृभाषा अंग्रेजी नहीं है। स्कूल के प्रधान अध्यापक जैनेट लाइटफूट का कहना है कि कई लोगों को एक स्कूल में इतनी भाषाओं को सीखते देखकर हैरानी होती है लेकिन यह एक सच्चाई है। यहां हम इतनी विविधताओं के साथ जश्न मनाने का मौका ढूंढ लेते हैं। इससे हमारा स्कूल कुछ खास और अलग हो गया है। अपने स्टाफ के बारे में उन्होंने बताया कि पढ़ाने वाले टीचर बेहद प्रतिभाशाली हैं और बच्चों की भावनाओं को समझते हैं। इस स्कूल में टीचर के स्लैंग भाषा के इस्तेमाल पर रोक है। 

लाइटफूट ने बताया कि स्कूली अध्यापकों का चयन भी विशेष प्रक्रिया के तहत किया जाता है। हमें उस तरह के शब्दों से बचना होता है जिन्हें बच्चों को समझने में दिक्कत पैदा करती है। 40 वर्षीय पुराने इंग्लैंड के इस स्कूल में ज्यादातर गैर-अंग्रेजी पृष्ठभूमि के बच्चे हैं। खास बात यह है कि हाल ही में इस स्कूल को संतोषजनक और गणित विषय में बेहतर रैंकिंग से नवाजा गया है(अमर उजाला,21.7.11)।

IAS, IPS कोटा नियमों से न हो छेड़छाड़ःसुप्रीम कोर्ट

Posted: 21 Jul 2011 02:14 AM PDT

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने एक अहम फैसले में कहा है कि आईएएस और आईपीएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं के लिए सरकार को सामान्य या आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए बने आरक्षण संबंधी नियमों में छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए।

तयशुदा सीमा से ज्यादा आरक्षण देना गैरकानूनी

शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसा करना संविधान का उल्लंघन होगा। जस्टिस आरवी रवींद्रन और जस्टिस एके पटनायक की बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि सामान्य, एससी-एसटी और ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए रोस्टर सिस्टम का कड़ाई से पालन होना चाहिए और कोटे की तयशुदा सीमा से ज्यादा आरक्षण देना गैरकानूनी तथा असंवैधानिक है। जस्टिस पटनायक ने कहा कि रोस्टर सिस्टम के जरिए सामान्य और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को एक समान अवसर मुहैया कराया जाता है।

अगर रोस्टर सिस्टम को नजरअंदाज किया जाता है तो यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 (1) के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन माना जाएगा। शीर्ष अदालत ने यह फैसला आईपीएस अधिकारी जी श्रीनिवास राव की याचिका पर दिया। सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थी राव ने अपनी इस याचिका में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें 27 अक्तूबर 1999 को उन्हें उनके गृह (होम) कैडर आंध्रप्रदेश के बजाए मणिपुर-त्रिपुरा ज्वाइंट कैडर आवंटित कर दिया गया। राव ने सिविल सेवा परीक्षा, 1998 में 95वीं रैंक हासिल की थी जबकि 95वीं रैंक हासिल करने वाले दूसरे ओबीसी अभ्यर्थी को आंध्रप्रदेश कैडर आवंटित कर दिया गया।

केंद्र सरकार ने यह कहते हुए अपने फैसले का बचाव किया कि चूंकि 1998 में ओबीसी का कोटा पूरा नहीं हुआ था इसलिए इस वर्ग के अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त कोटा दे दिया गया। बेंच ने आईपीएस (कैडर) रूल्स, 1954 की व्याख्या करते हुए कहा कि 31 मई 1985 को केंद्र की ओर से जारी सर्कुलर के पैरा-3 के क्लॉज-2 में यह स्पष्ट किया गया है कि एससी और एसटी अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न कैडरों में तयशुदा प्रतिशत के मुताबिक रिक्तियां (वैकेंसी) आरक्षित रहेंगी। शीर्ष अदालत हालांकि आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के इस विचार से सहमत हो गई कि राव को अब इतनी देरी हो जाने के बाद किसी तरह की राहत नहीं दी जा सकती है, क्योंकि उन्होंने कैडर अलॉटमेंट के दो साल बाद मुकदमा दायर किया था(अमर उजाला,21.7.11)।

नागपुरः परमात्मा एक सेवक नागरिक सहकारी बैंक के 157 कर्मियों ने दी आत्मदाह की धमकी

Posted: 21 Jul 2011 02:07 AM PDT

परमात्मा एक सेवक नागरिक सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने विविध मांगों को लेकर बुधवार को दोपहर में भरी बरसात में मोर्चा निकाला।

सीताबर्डी लक्ष्मी टाकीज के पीछे स्थित विभागीय सहनिबंधक कार्यालय के सहनिबंधक राजेश भुसारी का घेराव किया। 157 कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि आगामी 5 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं होने पर सहनिबंधक कार्यालय के सामने वे आत्मदाह करेंगे।

वनटाइम सेटेलमेंट के अनुसार रकम की मांग

आंदोलनकारियों ने बताया कि बैंक एक वर्ष पहले लिक्डिट (अवसायन) में चला गया है, जिससे बैंक में कार्यरत 157 कर्मचारियों के परिवारों पर भूखों मरने की नौबत आ गई है। कर्मचारियों की मांग है कि नियमानुसार वनटाइम सेटलमेंट योजना के मुताबिक उन्हें रकम दी जाए, जिससे उनके परिवारों का निर्वाह होता रहे।

कर्मचारियों ने बताया कि उनके वेतन बंद होने वाली समस्या के बारे में सहकार आयुक्त मधुकर चौधरी पुणे को महाराष्ट्र स्टेट को-ऑप बैंक सोसायटी ने पत्र लिखा था, जिसके जबाव में चौधरी ने कर्मचारियों के संगठन को अवगत कराया कि यह मामला सहनिबंधक कार्यालय नागपुर के अंतर्गत आता है।


इसका निपटारा सहनिबंधक राजेश भुसारी के कार्यालय से होगा। जब कर्मचारियों ने उनसे संपर्क किया तो उन्हें पता चला कि उनकी मांग दोबारा पुणे सहकार आयुक्त के पास भेजी गई है। 

सह-निबंधक ने दिया आश्वासन
कर्मचारियों का आरोप है कि उनके प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान किए जाने व उन्हें मामले का निपटारा करने का अधिकार दिए जाने के बाद भी 7-8 मांगों को दोबारा पुणे सहकार आयुक्त के पास क्यों भेजा गया। 

सहनिबंधक श्री भुसारी ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। मोर्चे का नेतृत्व विधान परिषद सदस्य एस. क्यू. जमा, महाराष्ट्र स्टेट को ऑप. बैंक के पूर्व सचिव सुरेश तन्नीवार और सहसचिव गिरधारी वाडीभस्मे एवं संगठक सचिव संजय वाडीभस्मे ने किया।

मोर्चे में जे. डी. बावरे, डी. पी. उमरेडकर, पी. पी. माकडे, के. एस. वाघ, आर. एल. पवार, संजय नरखेडकर, आर. बी. कृपान, मीना घुगरे, मीना येवलेकर और राजश्री मेश्राम आदि शामिल थे। 

जिम्मेदार कौन है?

मोर्चे में शामिल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यह कभी जानने की कोशिश नहीं कि परमात्मा एक सेवक नागरिक सहकारी बैंक के लिक्डिटेड में जाने के लिए कौन जिम्मेदार है। 

इस बात को लेकर केवल निवेशक और कर्मचारी परेशान हैं, क्योंकि इनके परिवारों पर आर्थिक संकट है। बैंक का नागपुर और भंडारा में बड़े स्तर पर कारोबार था। इसकी 12 शाखाएं हैं। 60 हजार खाताधारक हैं। इसमें करीब 58 करोड़ रुपये खाताधारकों के जमा हैं(दैनिक भास्कर,नागपुर,21.7.11)।

पटना विवि में रैगिंगः नाम पता पूछकर पीटा

Posted: 21 Jul 2011 02:04 AM PDT

पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग की घटना हुई। रैगिंग के शिकार हुए मिथुन कुमार सिंह(बेगूसराय)और मुश्ताक रजा (पश्चिम बंगाल) को उनके कॉलेज के ही सीनियर छात्रों ने अदब सिखाने के नाम पर कठोर यातनाएं दीं और मारपीट की। दोनों पीड़ित को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले से अनभिज्ञ है, जबकि कॉलेज प्रशासन इसे रैगिंग की घटना मानने से इंकार कर रहा है।

कक्षा से खींचकर निकाला : मिथुन कुमार सिंह और मुश्ताक रजा पटना विश्वविद्यालय में भूगोल स्नातक के प्रथम वर्ष के छात्र हैं। मिथुन कुमार सिंह ने बताया कि दोपहर में स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्र उनकी कक्षा में आए। उन्हें देखकर क्लास के सभी छात्र खड़े हो गए। लेकिन वे बैठे रहे। इससे खफा सीनियर छात्रों ने पहले उनके नाम, घर और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में पूछा। बाद में उन्हें अदब सिखाने के लिए पांच-छह सीनियर छात्रों ने उन्हें खिंचकर क्लास से बाहर निकाला और फिर जमकर पिटाई की।

अस्पताल में हुए भर्ती : सीनियर छात्रों की पिटाई से मिथुन को काफी चोटें आई हैं। मिथुन को उनके साथियों ने पहले पटना विश्वविद्यालय स्थित डिस्पेंसरी ले गए।


लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें पीएमसीएच भेज दिया। पीएमसीएच में इलाज के बाद दोनों छात्र अपने घर चले गए। वहां मौजूद उनके दोस्तों ने बताया कि दोनों घटना से बहुत डरे हुए हैं। 

रैगिंग मानने से इंकार : विश्वविद्यालय के कुलपति सुदिप्तो अधिकारी ने देर शाम तक घटना से अनभिज्ञता जताई, जबकि कॉलेज के प्राचार्य लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि यह घटना दो गुटों के बीच मार-पीट का है। इसका रैगिंग से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जांच कराई जा रही है(दैनिक भास्कर,पटना,21.7.11)।

छत्तीसगढ़ में एआईट्रिपलई काउंसिलिंग: भर गई एनआईटी की 550 सीटें

Posted: 21 Jul 2011 02:03 AM PDT

एआईट्रिपलई काउंसिलिंग के तीसरे चरण में अब तक देशभर के एनआईटी की लगभग 60 फीसदी सीटें भर गई हैं। एनआईटी रायपुर का भी आंकड़ा कुछ ऐसा ही है। यहां कुल 955 सीटों में से बुधवार की शाम तक 5५क् सीटों में प्रवेश हो चुका है। बची हुई 407 सीटों का अलॉटमेंट काउंसिलिंग के अन्य दो चरणों में होना है।

एआईट्रिपलई काउंसिलिंग के तीसरे चरण में एनआईटी की 657 सीटों का अलॉटमेंट हुआ था। इनमें से 548 पर प्रवेश सुनिश्चित हो गया है। तीसरे राउंड में सीट अलॉटमेंट और सरेंडर की यह प्रक्रिया 22 जुलाई तक चलेगी। बची हुई सीटों के लिए चौथी अलॉटमेंट लिस्ट 25 जुलाई को जारी होगी, जिन छात्रों को इस सूची में स्थान मिलेगा, वह 25 से 29 जुलाई के बीच संबंधित संस्थानों को रिपोर्ट करेंगे।

एआईट्रिपलई की पांचवीं सूची 2 अगस्त को जारी होगी। इसके लिए सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया 3 से 7 अगस्त तक चलेगी।

आज से शुरू जाएंगी कक्षाएं :


तीसरे राउंड की काउंसिलिंग प्रक्रिया के साथ ही एनआईटी में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। एनआईटी रायपुर सहित देशभर के एनआईटी में गुरुवार से कक्षाएं शुरू हो रही हैं। कक्षाओं का टाइम टेबल पहले से ही निर्धारित है। प्रथम वर्ष को छोड़कर शेष कक्षाएं पहले से चल रही हैं।

शुरू हुई डासा प्रक्रिया : 

एनआईटी की कुछ सीटें विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं। इनके लिए प्रवेश प्रक्रिया भी अलग से होती है। चयनित छात्रों की पहली लिस्ट 15 जुलाई को जारी हो गई है। डायरेक्ट एडमिशन ऑफ स्टूडेंट एब्रॉड (डासा) की प्रवेश प्रक्रिया बुधवार से शुरू हुई। पहले दिन किसी भी प्रतिभागी ने एनआईटी रायपुर में प्रवेश सुनिश्चित नहीं कराया।

19 हजार से अधिक ने लॉक की च्वाइस : 

पीईटी काउंसिलिंग प्रक्रिया में अब तक 19 हजार से अधिक छात्रों ने अपनी च्वाइस लॉक करा ली है। इसके साथ ही बुधवार शाम तक 4796 छात्रों ने प्रदेश के अलग-अलग केंद्रों में अपने प्रपत्रों की जांच करा ली है। राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों की पहली अलॉटमेंट लिस्ट 29 जुलाई को जारी होगी। 

छात्र 30 जुलाई से अलॉट हुई सीट पर प्रवेश ले सकेंगे। बची हुई सीटों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ऑप्शन फिलिंग फार्म 6 अगस्त से उपलब्ध होंगे, जो छात्र पहली लिस्ट से संतुष्ट नहीं होंगे, वह भी अपनी च्वाइस व्रिडॉ करके दूसरे राउंड की काउंसिलिंग में हिस्सा ले सकेंगे। चयनित छात्रों की दूसरी लिस्ट 10 अगस्त को जारी की जाएगी(दैनिक भास्कर,रायपुर,21.7.11)।

झारखंडःशिक्षक नियुक्ति परीक्षा का परिणाम अगले माह

Posted: 21 Jul 2011 02:01 AM PDT

राज्य भर के 270 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा, रांची जिले में आठ फीसदी छात्र रहे अनुपस्थित बहुत दिनों से लंबित प्रारंभिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक एवं उर्दू सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए होने वाली प्रारंभिक परीक्षा सह अध्यापक पात्रता परीक्षा बुधवार को शांति पूर्ण संपन्न हो गई। राज्य के 10 जिलों रांची, हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, दुमका, गिरिडीह, चाईबासा, चक्रधरपुर, जमशेदपुर और पलामू के 270 केंद्रों पर सुबह 10.15 से दोपहर 12.15 बजे तक परीक्षा संचालित हुई। अभ्यर्थियों सुबह 9.00 बजे से ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। रांची जिले में कुल 73 परीक्षा केंद्रों परीक्षा हुई। जिसमें करीब 8 फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

सामान्य श्रेणी के लिए 60 प्रतिशत
सहायक शिक्षकों के 13807 और उर्दू शिक्षकों के 4401 पदों के लिए 1 लाख 26 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। मुख्य परीक्षा के लिए सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में 60 फीसदी अंक व एससी और एसटी छात्रों को 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा।


प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य ज्ञान/पर्यावरण से 30 अंक, गणित से 30 अंक, भाषा से 30 अंक (जनजातीय और क्षेत्रीय), भाषा (हिन्दी व उर्दू) से 30 अंक और बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र से 30 अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए।

अगस्त में जारी होगा रिजल्ट
प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट अगस्त के पहले हफ्ते में जारी किया जाएगा। इसके बाद शीघ्र ही मुख्य परीक्षा की तिथि जारी कर दी जाएगी(दैनिक भास्कर,रांची,21.7.11)।

पटनाःचुटकियों में IIT के सवाल हल कर रहा 5वीं का छात्र

Posted: 21 Jul 2011 01:54 AM PDT

यह खबर पढ़ कर हैरत होना लाज़मी है। देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक आईआईटी के सवालों का हल जब एक पांचवीं कक्षा का छात्र करने लगे तो दुनिया उसकी प्रतिभा की कायल तो होगी ही।
बिहार की राजधानी पटना के कुम्हरार इलाके में रहने वाला ओमप्रकाश अभी महज़ 11 साल का ही है। लेकिन, इसकी प्रतिभा ने बड़े-बड़ों के होश ठिकाने लगा दिए हैं। ओमप्रकाश अभी कुम्हरार में रह कर ही आइआइटी की तैयारी कर रहा है।ओम अभी बाजार समिति स्थित परमार क्लासेज के टारगेट बैच में पढा़ई कर रहा है। गणित से लेकर भौतिकी और रसायन शास्त्र के कई सवालों को वह आसानी से हल कर रहा है।
भेड़ पालते हैं पिता, मां बनाती है धागा
ओमप्रकाश के पिता जगदीश पाल मूल रूप से औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड के चिल्हकी गांव के रहने वाले हैं। वहां वे भेड़ पालन करते हैं। मां शारदा देवी भेड़ के बाल से धागे तैयार करती हैं। परिवार निर्धन है। शारदा ने बताया कि उनका बेटा ओमप्रकाश बचपन से ही किताबों में खोया रहता था। विद्यालय कम जाता था। घर पर ही पढ़ा करता था।
पिछले साल हल कर डाले थे 50 फीसदी सवाल

पिछले साल तो ओमप्रकाश ने आईआईटी परीक्षा के 50 फीसदी सवालों का हल आसानी से कर दिया था। इसके बाद तो उसके भाई व शिक्षक चौंक उठे थे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था। इसके बाद उसके भाईओं ने उसे आईआईटी की तैयारी करने को प्रेरित किया। फिलहाल ओमप्रकाश अपने भाई अजीत व रंजीत के साथ आइआइटी में दाखिले की तैयारी कर रहा है। 
तथागत जैसा है किस्सा, कम उम्र आ रही आड़े
आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास है। लेकिन ओमप्रकाश को इतना योग्य होने में अभी काफी समय लगेगा। हालांकि, ओमप्रकाश अभी ही मैट्रिक और इंटर की परीक्षा देने के लिए तैयार है। लेकिन यहां उसकी उम्र आड़े आ रही है। मालूम हो कि बिहार के ही एक प्रतिभाशाली व काफी सुर्खियां बटोर चुके छात्र तथागत तुलसी को भी इसी तरह की समस्या से दो-चार होना पड़ा था। दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद तथागत ने दस साल की आयु में ही पटना साइंस कालेज से बीएससी की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। 
मगर, उसे कॉलेज प्रबंधन से मंजूरी नहीं मिल पायी। फिर उसने पटना हाइकोर्ट में गुहार लगायी। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर तथागत को निर्धारित से कम उम्र में ही बीएससी की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गयी थी। अब देखना है कि ओमप्रकाश के साथ क्या होता है। अचरज नहीं कि एक बार फिर से तथागत जैसा इतिहास दुहराया जाये(अनिमेष नचिकेता,दैनिक भास्कर,पटना,21.7.11)।

छत्तीसगढ़ःगुमराह करने लगी 9वीं की किताबें

Posted: 21 Jul 2011 01:51 AM PDT

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की किताबें अब ज्ञान देने की बजाय बच्चों को गुमराह करने में लगी है। सरकारी स्कूल के 9वीं के छात्रों को जो जानकारियां दी जा रही है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम बच्चों का भविष्य गढ़ने को लेकर कितना संजीदा है।

पुस्तक में गलतियों की लंबी फेहरिस्त है, लेकिन हैरत की बात है यह है कि अब तक न तो शिक्षकों ने इसकी शिकायत की और न ही माशिमं के अफसरों का ध्यान इस ओर गया है।

निगम की किताब में प्रदेश में चार राष्ट्रीय उद्यान होने की जानकारी दी गई है। इसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान, इंद्रावती कांगेर घाटी और कुटरु को राष्ट्रीय उद्यान बताया गया है जबकि प्रदेश में सिर्फ तीन राष्ट्रीय उद्यान हैं।

देशभर में अचानकमार घने जंगलों, दुर्लभ वन्य प्राणयों के लिए जाना जाता है। हर कोई जानता है कि अचानकमार टाइगर रिजर्व बिलासपुर जिला में है।

किताब में प्रदेश में चार राष्ट्रीय उद्यान होने की जानकारी दी गई है। इसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान, इंद्रावती कांगेर घाटी और कुटरु को राष्ट्रीय उद्यान बताया गया है जबकि प्रदेश में सिर्फ 3 राष्र्टीय उद्यान है। कुटरु अभयारण्य है।


पेज नंबर 293 में बादलखथोल को प्रदेश का सबसे बड़ा अभयारण्य बताया गया है। 
बादलखोल क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश का सबसे छोटा अभयारण्य है। यह मात्र 104 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। तैमोर पिंगला प्रदेश का बससे अड़ा अभयारण्य है। यह 604 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है।

इतनी सारी गलतियां

-प्रदेश में चार राष्ट्रीय उद्यान लिखे गए हैं, जबकि फिलहाल तीन राष्ट्रीय उद्यान है। इंद्रावती कांगेर घाटी और गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान, कुटरु अभयारण्य है। 

- कांगेर घाटी को कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान लिखा गया है। 

- बादलखोल को सबसे बड़ा अभ्यारण्य बताया गया है जबकि यह सबसे छोटा है। 

- सरगुजा का तैमोर पिंगला अभ्यारण्य सबसे बड़ा है, जो 608.52 वर्ग किमी में फैला है। सबसे छोटा तैमोर पिंगला है जो 104.45 वर्ग किमी में है। 

- अचानकमार को सरगुजा में होना बताया गया है, जबकि वह बिलासपुर जिले में है(दैनिक भास्कर,महासमुंद-रायपुर,21.7.11)।

हरियाणाःअंबाला के कालेजों में बनी एंटी-रैगिंग कमेटियां

Posted: 21 Jul 2011 01:50 AM PDT

कालेजों में रैगिंग रोकने के लिए एंटी रैगिंग कमेटियां बनाई गई हैं, ताकि नए छात्र रैगिंग का शिकार न हो। यदि कोई छात्र रैगिंग लेता हुआ पकड़ा गया तो उसे कालेज से निकाला भी जा सकता है।

सेंसेटिव प्वाइंट पर प्रोफेसर की ड्यूटी

जीएमएन कालेज के प्रिंसिपल डा. आरआर मलिक के मुताबिक यदि कोई छात्र रैगिंग लेता हुआ पकड़ा जाएगा, तो उस छात्र के खिलाफ (आईपीसी) इंडियन पेनल कोड के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कालेज में एंटी रैगिंग कमेटी बनाई गई है जो कालेज में सेंसेटिव प्वाइंट पर दौरा करती है। खासकर प्ले ग्राउंड, कैंटीन, लाइब्रेरी या कॉमन रूम पर नजर रखी जा रही है। छात्रों को कक्षाओं में जाकर जागरूक किया जा रहा है, जिससे रैगिंग को रोका जा सकता है।


बीकॉम के छात्र गुरमीत, दीपक, शिया ने बताया कि कालेज में कोई भी सीनियर छात्र उनसे रैगिंग करवाने की कोशिश किया तो वह इसकी शिकायत प्रिंसिपल से करेंगे, साथ ही पुलिस को भी सूचित करेंगे। <



--
Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/

No comments: