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Monday, February 6, 2012

Fwd: [Social Equality] हमारे परम पूज्य गुरु रविदासजी का कल जन्म दिन है...



---------- Forwarded message ----------
From: Rajkumar Ahirwar <notification+kr4marbae4mn@facebookmail.com>
Date: 2012/2/6
Subject: [Social Equality] हमारे परम पूज्य गुरु रविदासजी का कल जन्म दिन है...
To: Social Equality <wearedalits@groups.facebook.com>


Rajkumar Ahirwar posted in Social Equality.
हमारे परम पूज्य गुरु रविदासजी का कल जन्म दिन...
Rajkumar Ahirwar 5:40pm Feb 6
हमारे परम पूज्य गुरु रविदासजी का कल जन्म दिन है जिसे हम गुरु पूर्णमा के नाम से मनाते हैं. सचमुच ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा. की किस तरह उनने अपना जीवन इस दावे कुचले समाज के लिए लगा दिया.और वो भी उस समय जब हमारे समाज की क्या दुर्दशा रही होगी. आज से उस समय की तुलना की जाय तो सब कुछ आईने की तरह साफ़ हो जाता है.मेरी ओर से सभी दोस्तों एवं फेस बुक के सभी दोस्तों को हार्दिक बधाई. गुरूजी को समर्पित कुछ चंद दोहे प्रेषित -
१- दलितो मेरी मान लो, नहीं कोई परलोक
सुख दीन्हो सुख होत है, दिए कस्ट दुःख होत.
२- ब्रह्मण पर विपता परे, जन्म लेत भगवान्,
खग, पशु दलितों पर कभी, न करी क्रपा भगवान्.
३- कूटनीति, छल, कपट से, छले गए हम लोग.
स्वर्ग, पाप और पुन्य का, भय दिखात द्विज लोग
४- कोंडी, कोंडी, जोर ले आएगी तेरे काम.
राज कहैं पल न गवां, भज दूसर के नाम.
५-मन के उपजे ये कथा, मिले कहीं न सार.
सार- सार कहिबे नहीं, लूट लेत घर वार.
६- ओछी जात के बावुरे, मत हो तू बैचैन.
तुझसा पापी है कहाँ, मनु बखानी ऐन.
७-पूर्व जन्म के कारने, मानुश तन तहूँ पाय.
स्वर्ग, नरक भोगन परे, कह पंडित समझाय.
८- मर जाने पर दान करो, द्विज लेवे दोउ हाथ.
लज्जा, पीड़ा, न दया, छांड न ब्रह्मण घात.
९- प्रेम का रस दिल से बहे, जब दर्दे दिल मैं होय.
प्रीति परखिये मात की, जब पुत्र बिछड़ना होय.
१०- धन संचय जिन न किया, मांगे हरदम भीक.
गुनी लोग अति चातुरे , नाही बतावे नीति.
मेरे द्वारा लिखित इन दोहों मैं यदि कंही गलती हो तो मैं छमा चाहता हूँ.

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Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/

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