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Thursday, July 12, 2012

‘रूस्तम ए हिंद’ दारा सिंह ने दुनिया को कहा अलविदा

'रूस्तम ए हिंद' दारा सिंह ने दुनिया को कहा अलविदा

hursday, 12 July 2012 09:24

मुंबई, 12 जुलाई (एजेंसी) कुश्ती की दुनिया में कई सूरमाओं को धूल चटाने के बाद अभिनय जगत में दमदार उपस्थिति दर्ज कराने वाले दारा सिंह का आज सुबह देहांत हो गया। वह पिछले पांच दिन से जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे । 
बीती रात 84 वर्षीय सिंह को उनके परिवार वाले घर ले गये ताकि जिंदगी के अंतिम क्षण वह अपने परिवार के बीच गुजार सके । 
कोकिलाबेन अस्पताल के सीओओ राम नारायण ने कहा, ''उनका सुबह साढ़े सात बजे निधन हो गया ।''
सिंह को दिल का दौरा पड़ने के बाद सात जुलाई को अस्पताल में ले जाया गया था और तब से वह आईसीयू में थे । 
दारा सिंह की पहली शादी से उनका एक पुत्र प्रद्युम्न सिंह रंधावा और दूसरी शादी से उनके पांच :दो बेटे और तीन बेटियां: बच्चे हैं । टीवी और फिल्म अभिनेता बिंदु दारा सिंह उनके बेटे हैं । 
राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियन दारा सिंह ने पचास के दशक में फिल्म उद्योग में कदम रखा था और वह 'किंग कांग' और 'फौलाद' में अपनी दमदार भूमिका के लिये जाने जाते हैं । वह अंतिम बार वर्ष 2007 में इम्तियाज अली की फिल्म 'जब वी मेट' में दिखायी दिये थे । 
दारासिंह ने रामानंद सागर के टीवी सीरियल 'रामायण' में हनुमान की कालजयी भूमिका निभाई थी और वह घर घर में लोकप्रिय हो गए थे ।

दारा सिंह की पहली शादी से उनका एक पुत्र प्रद्युम्न सिंह रंधावा और दूसरी शादी से उनके पांच, दो बेटे और तीन बेटियां.ं बच्चे हैं । टीवी और फिल्म अभिनेता बिंदु दारा सिंह उनके बेटे हैं । 

दारा सिंह अंतिम बार वर्ष 2007 में इम्तियाज अली की फिल्म >जब वी मेट' में दिखायी दिये थे । 
मजबूत कद काठी के दारा सिंह ने पेशेवर कुश्ती के क्षेत्र में काफी नाम कमाया था और उन्होंने अखाड़े में करीब 500 मुकाबलों में अपने प्रतिद्धंदियों को मात दी । 
दारा सिंह की इन शानदार उपलब्धियों के लिये उन्हें 'रूस्तम ए पंजाब' और 'रूस्तम ए हिंद' से सम्मानित किया गया था । दारा सिंह वर्ष 1959 में राष्ट्रमंडल चैंपियन बने थे । उन्होंने वर्ष 1983 में कुश्ती की दुनिया को अलविदा कह दिया । 
कुश्ती की दुनिया को अलविदा कहने के बाद दारा सिंह ने अभिनय की दुनिया में झंडा गाड़ा । 'किंग कांग' और 'टारजन' में उनकी दमदार भूमिका के लिये उन्हें आज भी याद किया जाता है । 

अभिनेत्री और अपनी मित्र मुमताज के साथ दारा सिंह ने 16 फिल्मों मेें काम किया ।
इससे पहले डाक्टरों ने उनका एमआरआई किया तो पाया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद उनके मस्तिष्क को काफी नुकसान पहुंचा था । 
उनकी देखरेख करने वाले डाक्टरों ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि दारा सिंह के ठीक होने की बहुत कम उम्मीद है । इसके बाद दारा सिंह के परिवार वालों ने उन्हें घर लाने का फैसला किया ताकि वे उनके साथ रह सके । 
बिंदु सिंह ने कहा, ''मैं रोना नहीं चाहता और न ही दुखी होना चाहता हूं । उन्होंने एक खूबसूरत जीवन जीया । इस धरती पर कोई भी ऐसा शख्स नहीं होगा जो उनके बारे में नकरात्मक विचार रखता हो ।''

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