किरनाहार :पश्चिम बंगाल:, 22 जुलाई (एजेंसी) प्रणव मुखर्जी के मन में सहज ही यह बात आई थी कि वह राष्ट्रपति भवन के अस्तबल में घोड़ा बन जाएं तो कितना अच्छा हो। और यह बात उन्होंने एक युवा सांसद के रूप में मजाक में अपनी बड़ी बहन से कही थी । प्रणव मुखर्जी की बहन अन्नपूर्णा बनर्जी अपने घर में बैठी हुई उन दिनों को याद कर रही थीं, ''कई वर्ष पहले जब मेरा भाई सांसद था तो हम दिल्ली में उसके बंगले पर चाय पी रहे थे और वहां से रायसीना हिल्स पर राष्ट्रपति भवन का अस्तबल दिखता था ।'' उन्होंने कहा, ''घोड़ों की ओर देखते हुए उसने कहा कि 'इन घोड़ों को कितना मजा आता है क्योंकि वे करते तो कुछ नहीं हैं और उनकी देखभाल खूब होती है । चाहता हूं अगले जन्म में उसी घोड़े के रूप में जन्म लूं।'' अन्नपूर्णा ने गर्व से कहा, ''मैंने उससे कहा कि राष्ट्रपति के अस्तबल में घोड़ा क्यों, एक दिन तुम देश के राष्ट्रपति बनोगे । यह आज सच हो गया ।'' राष्ट्रपति चुनाव में अपने भाई के विजयी होने के तुरंत बाद उन्होंने कहा, ''मैं काफी खुश हूं ।'' अन्नपूर्णा आज दिन भर टीवी के सामने अपने पूरे परिवार के साथ बैठी रहीं । उन्होंने कहा, ''भले ही परिणाम मालूम है लेकिन घोषणा होने तक मैं चिंतित हूं ।'' यह पूछने पर कि क्या शपथ ग्रहण समारोह में वह दिल्ली जाएंगी तो उन्होंने कहा कि खराब स्वास्थ्य के कारण वह ऐसा नहीं कर पाएंगी । |
No comments:
Post a Comment