Follow palashbiswaskl on Twitter

PalahBiswas On Unique Identity No1.mpg

Unique Identity Number2

Please send the LINK to your Addresslist and send me every update, event, development,documents and FEEDBACK . just mail to palashbiswaskl@gmail.com

Website templates

Zia clarifies his timing of declaration of independence

What Mujib Said

Jyoti Basu is dead

Dr.BR Ambedkar

Memories of Another day

Memories of Another day
While my Parents Pulin babu and Basanti Devi were living

Wednesday, April 18, 2012

कुछ वर्दीधारी बेगुनाहों को बना रहे हैं क्रिमिनल

कुछ वर्दीधारी बेगुनाहों को बना रहे हैं क्रिमिनल

Written by आसिफ मिर्जा   Category: [LINK=/index.php/yeduniya]सियासत-ताकत-राजकाज-देश-प्रदेश-दुनिया-समाज-सरोकार[/LINK] Published on 18 April 2012 [LINK=/index.php/component/mailto/?tmpl=component&template=youmagazine&link=36b928e56253492d7bda450a2c2527172d4df692][IMG]/templates/youmagazine/images/system/emailButton.png[/IMG][/LINK] [LINK=/index.php/yeduniya/1184-2012-04-18-13-48-24?tmpl=component&print=1&layout=default&page=][IMG]/templates/youmagazine/images/system/printButton.png[/IMG][/LINK]
सुल्‍तानपुर। माया सरकार की छवि इसलिए बदनाम हुई थी कि बेगुनाहों को भी जेल की सीखचों के पीछे भेज दिया जाता था। फरियादी कितनी भी अपनी बेगुनाही का सबूत देता, लेकिन सुनने वाले अनसुनी कर देते। सूबे में निजाम तो बदल गया लेकिन अभी अधिकारियों के काम करने का वही पुराना अंदाज दिख रहा है। हत्या जैसे संगीन मामलों में फंसाने का वर्दीधारियों ने ठेका ले रखा है। इससे तो यही लगता है कि कुछ वर्दीधारियों को क्रिमिनल बनाने का शौक सवार है। सबसे पहले बात करते हैं बल्दीराय थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 545/2011 व 545 ए/11 की। दल्लू-रामसिंह हत्या प्रकरण में जिसने विवेचक को खुश किया उसकी नैय्या पार लग गई, लेकिन जिसने पेशगी में कमी की उसे अब भी राहत नहीं मिली। वैसे तो माया सरकार में अल्पसंख्यक व यादव वर्ग पर हमेशा नजरें टेढ़ी रहीं, लेकिन अब शासन सत्ता के बदलाव के बाद इस मुकदमे में फर्जी ढंग से फंसाए गए सुरेश व संजय यादव की आस जग गई है। हालॉकि पीड़ितों को आशंका है कि कहीं विवेचक दूसरी बार भी मनगढ़न्त चार्ज शीट न्यायालय न भेज दें। क्योंकि एडीजी कानून व्यवस्था सुबेस कुमार सिंह की नसीहत को भी थानाध्यक्ष ने रद्दी टोकरी में डाल दिया था।

इस प्रकरण में बल्दीराय पुलिस ने एक पक्ष का दरिया दिली से साथ दिया तो दूसरे पक्ष को बेगुनाह होते हुए भी उसे मुजरिम बना दिया। न्यायालय को झूठी व मनगढ़न्त चार्जसीट भेज दी। हत्या के बाद ही पुलिस की तमाम छिछालेदर हुई थी। लोग सड़कों पर उतरे थे कि दोनों तरफ से झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सच को झूठ बनाते हुए बल्दीराय एसओ ने कानून के साथ खिलवाड़ कर कानून पर बदनुमा दाग लगा दिया। सच्चाई क्षेत्र वासियों व ग्रामीणों की मदद से छुपी नहीं रही। लेकिन क्या वर्दी पहनने के बाद कोई जज हो जाएगा। इसका सीधा ही जबाब है कि नहीं। सूत्रों के मुताबिक दल्लू मिश्रा और रामसिंह कल्लू मिश्रा के मकान में गांजा पी रहे थे इसी नशे में रामसिंह से गोली चली। जिससे दल्लू मौके पर ही ढेर हो गया। अपने बचाव में कल्लू आदि ने रामसिंह को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। जिसकी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने रोड जाम कर दल्लू की मौत में फर्जी ढंग से फंसाए गए सुरेश यादव व संजय यादव को बेगुनाह बताया। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक गोविन्द अग्रवाल को सपथ पत्र भी दिया।

चौकाने वाली बात यह है कि यही चीज थानाध्यक्ष भी कह रहे थे। जिसकी वीडियों रिकार्डिंग भी कई लोगों के पास मौजूद है। विजय पांडेय उर्फ बब्बू फाइटर व रामू प्रधान का नाम मुकदमा अपराध संख्या 545 ए से निकाल दिया। लेकिन सुरेश व संजय को बेगुनाह बताते हुए भी मुजरिम बना दिया। इस प्रकरण में एडीजी कानून व्यवस्था सुबेश कुमार सिंह ने भी थानाध्यक्ष को अपनी गलती सुधारने की नसीहत दी थी। बात साफ थी विजय फाइटर सुरेश व संजय बेगुनाह थे। लेकिन थानाध्यक्ष की मानसिकता देखिए कि एक पक्ष के विजय का नाम निकाल दिया लेकिन सुरेश व संजय के खिलाफ न्यायालय में चार्ज शीट भेज दी। जिसकों लेकर ग्रामीणों ने रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि थानाध्यक्ष की इस कार्य प्रणाली से कानून पर सवाल खड़ा हो रहा है। उच्चाधिकारी से लेकर प्रदेश मुख्यालय के अधिकारी भी गलती न करने की हिदायत मातहतों को देते रहते हैं। लेकिन बल्दीराय पुलिस के कान पर एडीजी कानून व्यवस्था के नसीहत की जू नहीं रेंगी। इस मामले में अब सीओ सिटी का दावा है कि मामले में जो भी शपथ पत्र दिए गए हैं उसे विवेचना में शामिल कर दिया जाएगा।

इसी तरह जयसिंहपुर थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 484/11 का है। जिसमें पूजा तिवारी ने फंसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति घटना के समय गुजरात में मौजूद था। जिसके पास अपने बेगुनाही का सबूत है। लेकिन कोई भी पीड़ित को न्याय देने के लिए आगे नहीं आ रहा है। प्रकरण में न्याय के लिए मुख्यमंत्री से लेकर अन्य पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई जा चुकी है। फैजाबाद परिक्षेत्र के नवागत डीआईजी ने इस बाबत कहा कि पीड़ितों को हर हाल में न्याय दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह हर प्रकरण को गंभीरता से लेते हैं। डीआईजी ने कहा कि बेगुनाह को जेल भेजने वाले वर्दीधारियों की जगह भी जेल होगी।

[B]सुल्‍तानपुर से आसिफ मिर्जा की रिपोर्ट.[/B]

No comments: